Monday, June 1, 2020

कोरोना काल में सड़क किनारे सब्जी बेच रही चैंपियन तीरंदाज, कुछ तो करो सरकार



धनबाद: सपनों का टूटना क्या होता है, सोनू खातून से बेहतर कौन बता सकता है. तीरंदाजी ( Archery ) की दुनिया में जलवे बिखरने वाली सोनू खातून आज सड़क किनारे सब्जी बेचने को मजबूर है.

दरअसल, राष्ट्रीय विद्यालय तीरंदाजी प्रतियोगिता में पदक जीतने वाली सोनी आज झरिया में सड़क किनारे सब्जी बेचने को मजबूर है। उसकी सुध ना तो खेल प्रेमी ले रहे हैं, ना ही सरकार और ना तीरंदाजी संघ।

56वीं राष्ट्रीय विद्यालय तीरंदाजी प्रतियोगिता में जीता था कांस्य
सोनू ने बताया कि वर्ष 2011 में मैट्रिक की परीक्षा देते हुए तीरंदाजी का अभ्यास कर रही थी, इस क्रम में 56वीं राष्ट्रीय विद्यालय तीरंदाजी प्रतियोगिता ( National School Archery Competition ) में चयन हुआ. ये प्रतियोगिता पुणे में हुई थी जिसमें कांस्य पदक जीता था. इसके बाद सोनू 2015-16 तक राज्य स्तर की कई प्रतियोगिताओं में भाग ली ओर कई पदक अपने नाम की लेकिन इस बीच अभ्यास के दौरान धनुष टूट गया, जिसके कारण अभ्यास करने से वंचित हो गई.

धनुष टूटा, सपना टूटा
 
सोनू ने बताया कि टाटा अर्चरी एकेडमी फीडर सेंटर ( Tata Archery Academy Feeder Center ) में हुनर दिखाने का मौका भी मिला, लेकिन उसका उसका धनुष क्या टूटा, तीरंदाजी की दुनिया में सितारा बनकर चमकने का सपना ही टूट गया. उसके बताया कि इसके लिए काई बार खेल मंत्री से लेकर विभाग के अधिकारियों के पास चक्कर काटे, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ और मदद नहीं मिला. अब उसके पास तीर-धनुष नहीं है, ऐसे में वह अब अभ्यास नहीं कर सकती.

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