Tuesday, September 17, 2019

झामुमो के संस्थापक सदस्य अजीत का शव का कोई दावेदार नहीं,भाई फरार


#झामुमो के संस्थापक सदस्य अजीत का शव का कोई दावेदार नहीं                धनबाद । झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक सदस्य  हीरापुर ज्ञान मुखर्जी रोड निवासी 66 वर्षीय अजीत सेनगुप्ता ने अपने घर में रविवार की मध्य रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। अजीत ने अपने छोटे भाई गौतम सेनगुप्ता पर आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाते हुए दीवार पर ही सुसाइड नोट लिखा था।तीन दिनों से पड़ा था शव ၊  पोस्टमार्टम के बाद अजीत का शव पीएमसीएच में पड़ा हुआ था। शव को लेने के लिए कोई दावेदार सामने नहीं आ रहा है। गिरफ्तारी के डर के अजीत के भाई गाैतम सेनगुप्ता फरार हो गए हैं। उन पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप है।

झामुमो के धनबाद नगर अध्यक्ष देबू महतो ने धनबाद थाना में लिखित शिकायत कर अजीत के तीन भाई-बहनों पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि पैतृक संपत्ति के लिए सब मिलकर प्रताड़ित करते थे। अजीत अविवाहित थे। पोस्टमार्टम के बाद परिवार का कोई सदस्य शव लेने पीएमसीएच नहीं पहुंचा। इसलिए शव पीएमसीएच में ही पड़ा था। नियमानुसार अगर कोई शव लेने सामने नहीं आता है तो तीन दिन बाद ही उसका दाह-संस्कार किया जा सकता है। देबू महतो ने बताया कि झामुमो नियमानुसार अजीत का दाह-संस्कार करेगा।

 अजीत ने दीवारों पर लिखे सुसाइड नोट में कहा है- वे अपने घर के दो कमरे झामुमो कार्यालय के लिए दे रहे हैं। घर के पीछे उनके हिस्से की चार कट्ठा जमीन बांग्ला उन्नयन समाज को दे दी जाए। 6 सितंबर को उन्होंने अपने कमरे की दीवार पर लिखकर यह इच्छा जाहिर की थी। धनबाद थाना प्रभारी नवीन कुमार राय ने बताया कि मामला संपत्ति विवाद से जुड़ा लग रहा है। भाई-बहन पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप है। अजीत के भाई फरार हैं। पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है।

 

धनबाद डी-नोबिली स्कूल में गैंगरेप मामले में प्रबंधन पर कार्रवाई होना तय


             

धनबाद
कतरास ၊ गत दिनों डी-नोबिली स्कूल कोड़ाडीह में चौथी कक्षा की छात्रा के साथ हुए गैंगरेप मामले में आज दिल्ली से राष्ट्रीय बाल आयोग की टीम विद्यालय पहुची.यहां सिक रूम से लेकर प्राचार्य तनुश्री बनर्जी से एक घंटे तक पूछताछ की.टीम की सदस्य रोजी ताबा विद्यालय की व्यवस्था देख काफी नाराजगी जाहिर की. कहा कि विद्यालय की पूरी तरह से लापरवाही के कारण घटना घटी है.एक भी शिक्षक का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं किया गया है.सिक रूम में लगाए गये सीसीटीवी कैमरा पर भी आपत्ति जाहिर की.कहा कि स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदारी लेनी होगी.ताबा ने कहा कि यह मत सोचिए कि धनबाद जैसे छोटे शहर में यह घिनोना कांड हुआ है,तो कार्रवाई नहीं होगी.जरूर कार्रवाई होगी.इसलिये तो दिल्ली से यहां आये है.कार्रवाई ऐसी होगी कि धनबाद के लिये मिसाल मिसाल बनेगी.मौके पर बाल कल्याण समिति,चाइल्ड लाइन, डीएसडब्लू सहित कई टीम के पदाधिकारी शामिल थे।

Monday, September 16, 2019

उग्रवादियों को फ़ंडिंग करने वाले 77 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज


 
 

चतरा ၊
स्पेशल टास्क फोर्स के द्वारा नक्सली संगठन टीपीसी के लिए फंडिंग करने के साथ अन्य गैर कानूनी कार्यवाही में शामिल होने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार और 77 लोगों को नामज़द अभियुक्त बनाया गया है। उक्त जानकारी चतरा के पुलिस कप्तान अखिलेश बी वारियर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
श्री वारियर ने कहा कि पिपरवार थाना क्षेत्र में सक्रीय उग्रवादी संगठन टीपीसी  के द्वारा संचालन समिति के नाम से कोल परियोजना से जुड़े कोल व्यवसायों से अवैध रुपये की वसूली की जा रही है। प्राप्त सूचना की बुनियाद पर दीपू कुमार एसडीओ सिमरिया, आशुतोष कुमार सत्यम  एसडीपीओ  टंडवा,रंजीत लोहरा अंचल अधिकारी टंडवा, टुडू दिलीप कार्यपालक दंडाधिकारी सिमरिया, पुलिस इंस्पेक्टर सह टंडवा थाना प्रभारी सुधीर कुमार चौधरी , पुलिस इंस्पेक्टर शिव प्रकाश कुमार सिमरिया अंचल, पुलिस अवर निरीक्षक बिजवि नक्स कुजूर टंडवा थाना, सहायक अवर निरीक्षक अजय कुमार केरकेट्टा टंडवा थाना,सहायक अवर निरीक्षक टंडवा थाना रोहित टोपनो, सहायक अवर निरीक्षक टंडवा सचिदानन्द सिंह और सैट 92 एंव 153 के जवान के साथ टंडवा सशत्र बल ने  14, 15 सितंबर के रात्रि में छापामारी कर विनय भोक्ता पिता तुलसी गंझू ग्राम जामडीह और धनराज भोक्ता उर्फ मिठू पिता मंगल गंझू ग्राम बरवाडीह थाना पिपरवार को गिरफ्तार किया गया।इनके घर की तलाशी लेने के बाद विभिन्न बैंकों के 23 पासबुक, 24 चेक बुक वाहनों से सम्बंधित कागजात, पैन कार्ड, आधार कार्ड वगैरह बरामद की गई है।
श्री वारियर ने बताया कि पिपरवार थाना कांड संख्या  36 /019 के अंतर्गत धारा 385/386/387//120 बी भादवी 17 (¡)(¡¡) सीएलए एक्ट एंव 16/17/ /20/23 यूएपी एक्ट दर्ज की गई है। इन 77 नामजद आरोपियों में सीसीएल के लोगों का भी नाम शामिल है।
गौरतलब बात यह है कि कोल परियोजनाओं को अपराधियों,  उग्रवादियों के खिलाफ पुलिस के साथ सिविल प्रशासन की संयुक्त करवाई की गई है।पुलिस कप्तान की माने तो जिले मे पुलिस प्रशासन जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।पुलिस की लगातार दबिश के कारण बचे कुछ उग्रवादी भूमिगत हो गए हैं।लेकिन आर्थिक सहायता के लिए कुछ लोग सीधे कड़ी के रूप में कार्य कर रहे हैं।पुलिस ऐसे लोगों की लंबी सूची तैयार की है।अपने हरकतों से बाज़ नहीं आए तो सभी चिंहित लोगों के खिलाफ कठोर क़ानूनी करवाई की जाएगी।

Sunday, September 15, 2019

चक्रधरपुर के चैनपुर क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज होना नितान्त जरूरी* - डा० मनोज कुमार कोड़ाह चक्रधरपुर



चक्रधरपुर।। दीप प्रगति ट्रस्ट के तत्वाधान में रिम्स के चिकित्सा पदाधिकरी *डॉ० मनोज कुमार कोड़ाह* ने अपने साथी डॉक्टरों के साथ प्रखण्ड के चैनपुर पंचायत अन्तर्गत बोड़दा गाँव में निःशुल्क स्वास्थय जाँच शिविर का आयोजन किया। जिसमें सैकड़ों मरीजों का उपचार किया गया। मरीजों को जाँच के साथ मुफ्त दवाईयाँ भी उपलब्ध कराई गई। शिविर में डा० मनोज कुमार कोड़ाह, एमजीएम के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ० शशिकान्त सुमन,  रिम्स के डा० प्रमोद कुमार व डॉ० संजीव कुमार ने मरीजों का ईलाज किया साथ ही सलाह दी। शिविर में कुल 200 मरीजों का परीक्षण कर दवा दी गई। शिविर पहुंचे लोगों को मौसमी बीमारियों से बचने, रहन-सहन, खानपान, उचित आहार-विहार की सलाह दी। ग्रामीणों संग विचार-संगोष्ठी में डॉ० मनोज कुमार कोड़ाह ने अपने लम्बे सेवा अनुभव व पंचायतवार शिविर के आधार पर क्षेत्र के लोगों के मेडिकल कॉलेज की माँग पर कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नहीं हैं। *इस क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज का होना बहुत जरूरी है*। इससे सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। इस सेवा कार्य के संपादन के लिए श्री श्री अमरनाथ शिव मंदिर सेवा समिति के संस्कार भवन में इस दौरान मरीजों को समुचित व्यवस्था कराने में हीरालाल महतो, अमरजीत महतो, मनीष महतो, देवाशीष महतो, पंकज कुमार, संजय महतो, करन महतो, चन्दन महतो, मनोज गोप, गणेश गागराई व अन्य ने सहयोग किया।

गरीबों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही है रघुवर सरकार -राजन,प्रदेश सचिव, आप






 राँची । सदर अस्पताल में इलाज कराने स्वयं पहुंचे आम आदमी पार्टी झारखंड के प्रदेश उपाध्यक्ष पवन पांडेय, जिन्हें डॉक्टर द्वारा लिखी 4 में से सिर्फ एक दवाई पैरासिटामोल की गोली ही  सदर अस्पताल में दी गयी, जिसकी कीमत 6 रु है।  शेष 3 दवाई बाहर से खरीदने को कहा गया , जिसमें  589 रु लगा । खून की जाँच भी रविवार होने के कारण सदर अस्पताल में नहीं हुआ। पर बाहर वहीं जाँच रविवार को भी 170 रु में हो गया।
पवन जी तेज़ बुखार, कंपकंपी और आंख में जलन की शिकायत के बाद सदर अस्पताल राँची में इलाज के लिए गए थे।

सदर अस्पताल में इस तरह की बदत्तर व्यवस्था पर आम आदमी पार्टी के  प्रदेश सचिव राजन सिंह ने कहा है कि राजधानी के सदर अस्पताल में छोटे मोटे बीमारी की भी दवाई नहीं मिलना यह बताता है कि यहाँ स्वास्थ्य व्यवस्था कितनी बद्तर हालात में है। कहा गरीब कहाँ से दवाई और जाँच के लिए इतना पैसा लाएंगे ? कहा कि गरीबों के स्वास्थ्य के साथ इतना बड़ा खिलवाड़ कर रही है रघुवर सरकार। झारखंड के गरीबों को दवाई के  बगैर जान से मरवा रहे हैं । जब राँची के सदर अस्पताल की ये  हालत है तो इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि अन्य जिलों का सदर अस्पताल किस लचर व्यवस्था का शिकार हुआ है। सारा विकास और व्यवस्था सिर्फ रघुवर जी के फाइल और शहर  होर्डिंगों में दिखता है। सदर और रिम्स जैसे सरकारी अस्पतालों में मूलभूत दवाई तक उपलब्ध नहीं  है। कहा कि इनमें अधिकतर जाँच के लिए मरीजों को पैसे देने पड़ते हैं या बाहर से प्राइवेट क्लिनिक में जाँच कराना पड़ता है, यह दुर्व्यवस्था साबित करती है कि राज्य की रघुवर सरकार कितनी भ्रष्ट और जन विरोधी है।

Saturday, September 14, 2019

चाईबासा : प्राचार्य की प्रताड़ना से तंग आकर सेंट जेवियर्स स्कूल की छात्रा ने की आत्महत्या




चाईबासा ၊ जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल के प्राचार्य सह फादर की प्रताड़ना से तंग आकर एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली.
बताया जाता है कि छात्रा ने संत जेवियर्स स्कूल के प्राचार्य के मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या की है. मृतका संत जेवियर्स स्कूल की दसवीं कक्षा की छात्रा थी जिसका नाम ज्योति बारी था. स्कूल के प्राचार्य द्वारा जबरन स्कूल बैग छीन लेने से दुखी थी छात्रा. वही मृतक छात्रा के पिता गिरिडीह में आईआरबी में एएसआई और बड़ी बहन चाईबासा में सहायक पुलिस पद पर कार्यरत है. इधर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.
मामला मुफस्सिल थाना के पाताहातू गांव की है. इधर मृतक की बहन ने बताया कि मृतक छात्रा आये दिन की तरह शुक्रवार को भी स्कूल गई थी, लेकिन उसके पैर में काफी दर्द होने के कारण छात्रा देर से स्कूल पहुंची. लेकिन दर्द से परेशान मृतक छात्रा को सिक रूम में बैठाया गया और उसे दवा दी गई. स्कूल छुट्टी होने के बाद मृतक छात्रा की बड़ी बहन स्कूल पहुंची लेने के लिए ၊ मृतक छात्रा ना सिक रूम में थी और ना  ही विद्यालय में.
वहीं बाद में छात्रा जब घर गई तो अपनी बहन को इतना बताया कि स्कूल के फादर की प्रताड़ना से काफी तंग आ गई हूं और मैं बर्दाशत नहीं कर सकती. लेकिन किस तरह के प्रताड़ना से परेशान थी बात नहीं बताई. इसके बाद रात में अपने घर में ही उक्त छात्रा ने पंखे में फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली. जब सुबह मृतका की मां ज्योति के कमरे में गई तो देखी कि ज्योती ने आत्महत्या कर ली है.

राजद के पूर्व सांसद आरके राणा को झारखंड हाईकोर्ट से राहत




रांची ၊ बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाला मामले में राजद के पूर्व सांसद आरके राणा को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. झारखंड हाई कोर्ट ने उन्हें बेल दे दिया गया है. अदालत की ओर से राहत प्रदान किए जाने के बाद अब वे जेल से बाहर होंगे. वर्तमान में वे रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल में बंद है।

अदालत ने उन्हें आधी सजा पूरी कर लेने के बाद जमानत की सुविधा उपलब्ध कराई है. झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह की अदालत में आर के राणा की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत अदालत में पूर्व सांसद आरके राणा को एक लाख की बतौर जुर्माना जमा करने के उपरांत जमानत की सुविधा उपलब्ध कराई है।

सुनवाई के दौरान आरके राणा की ओर से अदालत को बताया गया कि चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी मामले में पूर्व सांसद को सीबीआई के विशेष अदालत की ओर से उन्हें 5 साल की सजा दी गई थी, जिसमें ढाई साल की सजा उन्होंने बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल में काट ली है. इसलिए उन्हें जमानत दी जाए. प्रार्थी के आग्रह को स्वीकार करते हुए अदालत ने उन्हें यह सुविधा उपलब्ध कराई है।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...