Tuesday, October 8, 2019

रामगढ़ में छात्र की हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया


झारखंड के रामगढ़ जिला में गोला थाना क्षेत्र के मुरपा गांव में एक छात्र की हत्या कर उसके शव को कुआं में फेंकने की सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। रविवार देर रात छात्र का शव एक कुआं से बरामद हुआ. उसकी नाक से खून निकल रहा था। छात्र की पहचान कोरांबे निवासी दशरथ महतो के पुत्र गौतम कुमार महतो (14) के रूप में हुई है।

गौतम दशरथ महतो का इकलौता पुत्र था. इस घटना के बाद परिजनों के दुर्गा पूजा की खुशी मातम में बदल गयी. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के परिजनों ने बताया कि गौतम अपनी रेंजर साइकिल से रविवार सुबह रजरप्पा मंदिर घूमने निकला था।

Monday, October 7, 2019

51शक्ति पीठों में एक है माता ज्वाला जी मन्दिर,बिना तेल व बाती वर्षों से लगातार जल रही हैं नौ ज्वालाएँ


न्यूज़ डेस्क । 
यह हिमाचल प्रदेश स्थित ज्वाला माता मंदिर है । इस मंन्दिर में सतयुग से  ना तेल ना बाती नो जगह प्राकृतिक ज्वाला प्रजव्वलित है। कई विज्ञानिको ने शोध करने पर भी इस तह तक नही पहुंचे की यह चमत्कार क्यों और कैसे है यह 51 शक्ति पीठ मे मान्य है यहा सती की जिव्हा गिरी थी । मुगल काल मे अकबर ने भी यहॉ नतमस्तक होकर स्वर्ण छ्त्र अर्पित कर चुका है यह धरा पर देविक शक्ति होने का ज्वलंत प्रमाण है । 
जय माता दी।
हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा 30 किलोमीटर दूर ज्वाला देवी का प्रसिद्ध मंदिर है। ज्वाला मंदिर को जोता वाली मां का मंदिर और नगरकोट भी कहा जाता है। यह मंदिर माता के अन्य मंदिरों की तुलना में अनोखा है क्योंकि यहां पर किसी मूर्ति की पूजा नहीं होती है बल्कि पृथ्वी के गर्भ से निकल रही नौ ज्वालाओं की पूजा होती है। 51 शक्तिपीठ में से एक इस मंदिर में नवरात्र में इस मंदिर पर भक्तों का तांता लगा रहता है। बादशाह अकबर ने इस ज्वाला को बुझााने की कोशिश की थी लेकिन वो नाकाम रहे थे। वैज्ञानिक भी इस ज्वाला के लगातार जलने का कारण नहीं जान पाए हैं।
माता सती के 51 शक्तिपीठों में से एक ज्वालादेवी का मंदिर भारतीय राज्य हिमाचल के कांगड़ा घाटी में स्थित है। यहां माता की जीभ गिरी थी। इसीलिए इसका नाम ज्वालादेवी मंदिर है। हालांकि इस मंदिर की एक और कथा है जो इंद्र की पत्नी शचि से जुड़ी है।

इस मंदिर में माता के मूर्तिरूप की नहीं बल्कि ज्वाला रूप की पूजा होती है जो हजारों वर्षों से प्रज्वलित है। कालांतर में इस स्थान को व्यवस्थित किया गुरुगोरख नाथ ने। यहां प्रज्वलित ज्वाला प्राकृतिक न होकर चमत्कारिक मानी जाती है। मंदिर के थोड़ा ऊपर की ओर जाने पर गोरखनाथ का मंदिर है जिसे गोरख डिब्बी के नाम से जाना जाता है।करें दर्शन माता ज्वाला देवी कीhttps://youtu.be/CE0tsyYeI88
सतयुग में महाकाली के परमभक्त राजा भूमिचंद ने स्वप्न से प्रेरित होकर यहां भव्य मंदिर बनाया था। बाद में इस स्थान की खोज पांडवों ने की थी। इसके बाद यहां पर गुरुगोरखनाथ ने घोर तपस्या करके माता से वरदान और आशीर्वाद प्राप्त किया था। सन् 1835 में इस मंदिर का पुन: निर्माण राजा रणजीत सिंह और राजा संसारचंद ने करवाया था।

 
तुर्क के अकबर ने ली माता की परीक्षा : कहते हैं कि माता के उत्सव के दौरान हिमाचल के नादौन ग्राम निवासी ज्वालादेवी के एक भक्त ध्यानू हजारों यात्रियों के साथ माता के दरबार में दर्शन के लिए जा रहे थे। इतनी बड़ी तादाद में यात्रियों को जाते देख अकबर के सिपाहियों ने चांदनी चौक दिल्ली में उन्हें रोक लिया और ध्‍यानू को पकड़कर अकबर के दरबार में पेश किया
अकबर ने पूछा तुम इतने सारे लोगों को लेकर कहां जा रहे हो? ध्यानु ने हाथजोड़कर ‍विन‍म्रता से उत्तर दिया कि हम ज्वालामाई के दर्शन के लिए जा रहे हैं। मेरे साथ जो सभी लोग हैं वे सभी माता के भक्त हैं। यह सुनकर अकबर ने कहा यह ज्वालामाई कौन है और वहां जाने से क्या होगा? तब भक्त ध्यानू ने कहा कि वे संसार का जननी और जगत का पालन करने वाली है। उनके स्थान पर बिना तेल और बाती के ज्वाला जलती रहती है। 
ऐसे में कुटिल अकबर ने कहा यदि तुम्हारी बंदकी पाक है और सचमुच में वह यकिन के काबिल है तो तुम्हारी इज्जत जरूर रखेगी। लेकिन यदि वह यकीन के काबिल नहीं है तो फिर उसकी इबादत का क्या मतलब? ऐसा कहकर अकबर ने कहा कि इम्तहान के लिए हम तुम्हारे घोड़े की गर्दन काट देते हैं, तुम अपनी देवी से कहकर दोबारा जिंदा करवा लेना। इस तरह घोड़े की गर्दन काट दी गई।

ऐसे में ध्यानू ने अकबर से कहा मैं आप से एक माह तक घोड़े की गर्दन और धड़ को सुरक्षित रखने की प्रार्थना करता हूं। अकबर ने ध्यानू की बात मान ली। बादशाह से अनुमती लेकर ध्यानू मां के दरबार में जा बैठा। स्नान, पूजन आदि करने के बाद रात भर जागरण किया। प्रात: काल ध्यानू ने हाथ जोड़कर माता से प्रार्थना की और कहा हे मां अब मेरी लाज आपके ही हाथों में है। कहते हैं कि अपने भक्त की लाज रखते हुए मां ने घोड़े को पुन: जिंदा कर दिया।
 

यह देखकर अकबर हैरान रह गया। तब उसने अपनी सेना बुलाई और खुद मंदिर की ओर चल पड़ा। अकबर ने माता की परीक्षा लेने या अन्य किसी प्रकार की नियत से उस स्थान को क्षति पहुंचाने का प्रयास किया। सबसे पहले उसने पूरे मंदिर में अपनी सेना से पानी डलवाया, लेकिन माता की ज्वाला नहीं बुझी। कहते हैं कि तब उसने एक नहर खुदवाकर पानी का रुख ज्वाला की ओर कर दिया लेकिन तब भी वह ज्वाला नहीं बुझी। तब जाकर अकबर को यकीन हुआ और उसने वहां सवा मन सोने का छत्र चढ़ाया लेकिन माता ने इसे स्वीकार नहीं किया और वह छत्र गिरकर किसी अन्य पदार्थ में परिवर्तित हो गया। आप आज भी अकबर का चढ़ाया वह छत्र ज्वाला मंदिर में देख सकते हैं।

झारखण्ड के खूँटी में हुए तीन नक्सली गिरफ्तार


न्यूज़ डेस्क। 
राँची । खूंटी पुलिस ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के तीन नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार नक्सलियों में धर्मवीर महतो उर्फ डेमका महतो, अमरजीत मुंडा उर्फ सोमा मुंडा और करण सिंह मुंडा उर्फ सोमा मुंडा शामिल हैं। 
इनके पास से एके-47 का एक जिंदा गोली, एक देशी पिस्टल, 14 गोलियां और प्रतिबंधित नक्सली संगठन का बैनर बरामद किया गया है।
खूंटी एसपी आशुतोष शेखर ने सोमवार को बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि मारण दाहा थाना अंतर्गत तिलमा में कई नक्सली कांडों के वांछित धर्मवीर महतो को देखा गया है। सूचना के बाद एएसपी और एसडीपीओ के नेतृत्व में छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान तीनों को गिरफ्तार किया गया।
एसपी ने बताया कि धर्मवीर पर पहले से भी कई मामले दर्ज है। पूछताछ में धर्मवीर ने पूर्व में सोमा पाहन की हत्या करने, रंगदारी और नक्सली कांडों में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

मुख्य मंत्री रघुवर दास ने कराया 501 कन्यायों को भोजन, बाल विवाह पर रोक लगाने की अपील



झारखंड के सीएम रघुवर दास चार दिवसीय दौरे पर जमशेदपुर में है। जमशेदपुर में सीएम रघुवर दास ने परिवार सहित महानवमी का पूजन कर माता रानी से आशीर्वाद मांगा।

इस मौके पर 501 कन्याओं को भोजन कराकर राज्य में खुशहाली कायम हो, इसकी कामना की। वहीं सीएम रघुवर दास ने नवरात्रि की ढेर सारी शुभकामनाएं देते हुए राज्य की जनता से बाल विवाह प्रथा पर रोक लगाने के लिए सहयोग करने की अपील की। रघुवर दास ने कहा कि और नारी शक्ति देश की शक्ति है ।                                   उन्होने कहा कि मां सिद्धिदात्री के आशीर्वाद से आपके सभी संकल्प सिद्ध हों, सभी मनोकामनाएं पूर्ण हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि मां दुर्गाजी की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री है। मां के आशीर्वाद से भक्त के लिए सृष्टि में कुछ भी अगम्य नहीं रह जाता है।उन्‍होंने कहा कि अपने भक्तों को अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, आदि अनेक शक्ति मां सिद्धिदात्री जगत कल्याण के लिए प्रदान करती हैं। सीएम ने कहा कि हम सब भी अपनी निजता को कायम रखते हुए लोक कल्याण को सबसे ऊपर रखें। अपनी खुशियों में उन्हें पहले रखें जिनके चेहरे उदास हैं। हर घर हर परिवार में खुशियां ही खुशियां हो, यही मां जगदंबे से प्रार्थना है।

तो इस कारण 6 करोड़ लोगों को नहीं मिला पीएम-किसान योजना का लाभ



नई दिल्ली। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की पीएम-किसान टीम की ओर से गोरखपुर के एक किसानों  को उसके मोबाइल पर यह संदेश मिला. इसके साथ ही साफ हो गया कि कागजों में गड़बड़ी की वजह से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की तीसरी किश्त का पैसा बैंक अकाउंट में नहीं पहुंचा. ऐसे करीब पौने छह करोड़ किसान हैं जिन्हें आधार वेरीफिकेशन की वजह से अंतिम किश्त नहीं मिल पाई है. हम आपको बता रहे हैं कि यदि ऐसा आपके साथ हुआ तो कैसे उसका समाधान होगा.
  किसान को नहीं मिली तीसरी किश्त 

फिलहाल तो वेरीफिकेशन के अभाव में 9 राज्यों में एक भी किसान को अंतिम किश्त का पैसा नहीं मिला है. देश में इस वक्त 7.5 करोड़ किसान भाईयों को इस योजना का लाभ मिला है. इसमें से पौने दो करोड़ को ही अंतिम किश्त का पैसा मिला पाया है. बाकी इसके इंतजार में हैं. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की तीसरी किश्त के लिए लाभार्थी किसानों का बायोमैट्रिक वेरीफिकेशन पहले ही जरूरी किया गया था. स्कीम की 2 किश्त तो लोकसभा चुनाव से पहले ही बिना सत्यापन के दे दी गई थी. लेकिन तभी अंतिम किश्त के लिए आधार की शर्त भी रखी गई थी.

बायोमैट्रिक वेरीफिकेशन से उन लोगों का भी पता चल रहा है जिन्होंने गलत तरीके से लाभ लिया है और उन लोगों के कागज भी दुरुस्त किए जा रहे हैं जिनके आवेदन और आधार कार्ड में नाम या स्पेलिंग का कोई अंतर है. योजना के तहत हर साल किसान को तीन बार 2-2 हजार रुपये खेती-किसानी के लिए दिए जाएंगे.

भाजपा विधायक ढुलू और गिरिडीह के पूर्व सांसद रवींद्र कु पांडेय पर यौन शोषण की प्राथमिकी दर्ज


धनबाद के बाघमारा से भाजपा विधायक ढुलू महतो और गिरिडीह के पूर्व सांसद रवींद्र कुमार पांडेय समेत पांच लोगों पर कतरास थाना में यौन शोषण की दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गयी है।
                                       पांच अक्तूबर को दर्ज एफआइआर दो महिलाओं की शिकायत पर की गयी है। पहली प्राथमिकी भाजपा नेत्री की शिकायत पर दर्ज की गयी है, जिसमें ढुलू महतो के साथ आनंद शर्मा को आरोपी बनाया गया है।

वहीं दूसरी एफआइआर में रवींद्र पांडेय के अलावा विनय सिंह और राजीव कुमार आरोपी बनाये गये हैं. इन पर भी यौन शोषण का आरोपलगे हैं।
भुक्त्भोगी महिला 28 नवंबर, 2018 को कतरास थाना में ऑनलाइन शिकायत की थी. प्राथमिकी दर्ज नहीं किये जाने पर वह  हाइकोर्ट चली गयी थी।
धनबाद जिला भाजपा की नेत्री ने विधायक ढुलू महतो पर जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश का आरोप लगाया था। यह शिकायत 28 नवंबर, 2018 को ऑनलाइन की गयी थी।
भाजपा नेत्री द्वारा ढुलू महतो पर यौन शोषण का आरोप लगाये जाने के बाद गिरिडीह के तत्कालीन सांसद रवींद्र पांडेय पर एक महिला ने गंभीर आरोप लगाये थे।
पीड़ित महिला कतरास थाना क्षेत्र की रहनेवाली है।महिला का कहना था कि उसकी एक सहेली के पति राजीव कुमार ने बताया था कि गिरिडीह सांसद से उसके अच्छे संबंध हैं। किसी प्रकार की परेशानी या कोई काम हो तो वह करवा देगा।
 आरोप है कि वह रूम में गयी तो विनय और राजीव कमरे से बाहर चले गये। इसके बाद रवींद्र पांडेय उसके पास आये और गलत हरकत करते हुए शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास करने लगे।

Sunday, October 6, 2019

दुर्गा मंडपों में महाअष्टमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी





डुमरी(गिरिडीह)। डुमरी प्रखंड के दुर्गा मंडपों में महाअष्टमी के अवसर पर श्रद्धालु नर नारियों की भीड़ उमड़ पड़ी । घंटों कतार में लगकर श्रद्धालुओं ने माता की पूजा आराधना की।दोपहर में आयोजित संधिपूजा में सुयोग्य ब्राह्मणों के द्वारा भगवती के लिए भुआ कोहड़ा तथा फल की बलि दी गई। ढोल ढाक के बीच संपन्न संधि पूजा में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। अनुमंडल कार्यालय के समीप स्थित जामतारा दुर्गा मंदिर डुमरी,इसरीबाजार हटियाटांड़,पारसनाथ रेलवे स्टेशन कॉलोनी,निमियाघाट स्टेशन परिसर,नगरी,रोशनाटुंडा के पुराने और नए दुर्गा मंदिर,पोरदाग,चैनपुर,धावाटांड़,बरगंडा,चंदनाडीह सहित प्रखंड के दुर्गा मंडप में स्थापित देव प्रतिमाओं के दर्शन पूजन हेतु सूर्योदय के पहले से ही लोगों की भीड़ जुटने लगी और देखते ही देखते दुर्गा मंडप श्रद्धालुओं से भर गया।दुर्गा मंदिर से संबंधित गांव के महिलाओं ने उपवास रखकर दुर्गा महाअष्टमी का व्रत किया और मंगल कामना की। दुर्गा मंदिरों के लिए बनी पूजा समितियों के सदस्यों द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने व व्यवस्थित पूजा करने हेतु सक्रियता दिखाई गई । वहीं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से पूरे क्षेत्र में श्रद्धा व भक्ति का वातावरण उत्पन्न किया गया।मंडप व पूजा पंडालों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था।शारदीय नवरात्र डुमरी,निमियाघाट व मधुबन थाना के पुलिस पदाधिकारियों व कर्मियों द्वारा सुरक्षा व्यवस्था की गई है।एसडीएम प्रेमलता मुर्मू के द्वारा विधि व्यवस्था बनाए रखने असामाजिक तत्वों पर अंकुश रखने तथा क्षेत्र में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने हेतु दंडाधिकारियों के साथ पुलिस बलों को तैनात किया गया है। जबकि पेट्रोलिंग पार्टियां भी सक्रिय भूमिका अदा कर रही है।अधिकांश स्थानों पर देव प्रतिमाओं का विसर्जन 9 अक्टूबर बुधवार को किया जाएगा। जबकि वनांचल चौक समीप स्थित दुर्गा मंदिर में स्थापित देव प्रतिमाओं का विसर्जन मंगलवार को किया जाएगा। 
                                          महानवमी के दिन सभी दुर्गा मंदिरों में वृहद पैमाने पर कन्या पूजन व कन्या भोजन का भी कार्यक्रम संपन्न होगा।शांतिपूर्ण पूजनोत्सव की संपन्नता को ले एसडीपीओ नीरज कुमार सिंह सीओ रवि भूषण प्रसाद पुलिस इंसपेक्टर दिनेश सिंह डुमरी थाना प्रभारी अशोक प्रसाद निमियाघाट थाना प्रभारी विजय केरकेट्टा सीआई जितेन्द्र प्रसाद सहित पुलिसबल पूरी तरह मुस्तैद रहे हैं।

बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन संतों को भारत में प्रवेश से रोका

चौंकाने वाली खबर 🚨  बांग्लादेश ने 63 इस्कॉन भिक्षुओं को भारत में प्रवेश करने से रोका सभी के पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा थे। आव्रज...