महाराष्ट्र में भले ही राष्ट्रपति शासन लागू हो गया हो लेकिन सरकार गठन की कोशिशें अब भा जारी है. इस बीच बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पहली बार महाराष्ट्र के सियासी उठापटक पर पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी.
अमित शाह ने कहा, 'चुनावों से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैंने सार्वजनिक रूप से कई बार कहा था कि अगर गठबंधन जीतता है तो देवेंद्र फडनवीस मुख्यमंत्री होंगे. किसी ने भी आपत्ति नहीं जताई. अब वे नई मांगों के साथ आए हैं जो हमारे लिए स्वीकार्य नहीं है.
उन्होंने कहा कि राज्यपाल महोदय ने कही पर भी संविधान को तोड़ने मरोड़ने का कोई प्रयास नहीं किया है. अमित शाह ने कहा कि NCP ने साढ़े 11 से 12 बजे के बीच में पत्र लिखकर अपनी असमर्थता जता दी थी कि आज शाम साढ़े 8:30 बजे तक हम सरकार नहीं बना सकते. इसके बाद रुकने की कोई जरूरत ही नहीं. उन्होंने कहा कि इस मामले में जल्दबाजी नहीं की गई है. 18 दिन का समय दिया गया था. राज्यपाल में सभी पार्टियों को तभी बुलाया जब विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो गया. शिवेसना, कांग्रेस, एनसीपी और न हमने सरकार बनाने का दावा किया. अगर आज भी किसी दल के पास नंबर है तो वो राज्यपाल के पास जा सकता है.

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