Tuesday, November 26, 2019

झारखण्ड विस चुनाव:आसान नही है संथाल मे भाजपा की राह,बागी बिगाड़ सकते है खेल


डा सुनील गुप्ता,वरिष्ठ पत्रकार।         
गोड्डा। रघुवर दास अपने मुख्यमंत्रित्व काल मे 165 बार संताल  का दौरा कर चुके  हैं ।सीएम रघुवर दास के लिए भाजपा के लिए संथाल में सीट जीतना आसान नही है।संथाल में कुल 18  विधानसभा सीटें है ।लेकिन भाजपा अपने ही बागी बगावती  नेताओ और कार्यकर्ताओ के तेवर से भाजपा की जीत में रोड़ा बनकर खड़ी हो गई है।पार्टी में टिकट के आस लिए दुमका, जामताड़ा में भाजपा के नाराज कार्यकर्ता विरोध में चुनावी मैदान में खड़े हो गये है। और पार्टी को सबक सिखाने के मूड में है।वही अंदरूनी कलह से जूझ रही भाजपा के इस मौके को विपक्षी गवांना नही चाहती है।यही नहीं भाजपा के सहयोगी पार्टी जदयू ,एलजेपी और आजसू के प्रत्याशियों के खड़े होने से संताल में विपक्षी पार्टियों का चुनावी मैदान में फतह हासिल  करने का रास्ता साफ नजर आने लगा है।गौरतलब है कि संताल के कुल 18 सीटों में भाजपा के पास 7 +1सीट( सारठ से जेवीएम से जीते रणधीर सिंह बाद मे भाजपा मे शामिल हो गए) ,जेएमएम के पास 6 सीट ,कांग्रेस के पास 3 सीट जबकि जेभीएम के पास एक सीट वर्तमान में है।भाजपा के मुख्यमन्त्री रघुवर दास ने संताल के सभी 18 सीटों पर कब्जा करने के लिए जन आशीर्वाद यात्रा के जरिये लोगो से मिले और जीत का दावा  किया।लेकिन  टिकट बंटवारे को लेकर संताल के विभिन्न विधानसभा में मेहनत कर रहे कार्यकर्ताओं को विस चुनाव में टिकट नही मिली  कार्यकर्ताओ ने बगावती तेवर से चुनावी मैदान में उतर गए हैं  और पार्टी को हराने में जुट गये है ।वही केंद्र से लेकर ,बिहार और झारखंड  में भाजपा के सहयोगी पार्टी एलजीपी ,जदयू और आजसू के चुनावी मैदान में प्रत्याशी के उतारने से भाजपा की जीत की  राह मुश्किल भरा होगा।ऐसे में अंदरूनी कलह से जूझ रही भाजपा को शिकस्त देने के लिए  ऐसे मौके को भुनाकर जेएमएम और कांग्रेस संताल सहित पूरे राज्य  में बड़े पार्टी के रूप में होने का रणनीति तैयार कर रही है।
मुश्लिमो में तीन तलाक और हिदुत्व मंदिर मुद्दा भी एक बड़ा फेक्टर माना जा रहा है।
शिकारीपाड़ा में जल जंगल जमीन को लेकर आदिवासी काफी आक्रोश में है पूर्व में भाजपा प्रत्यासी परितोष सोरेन सहित भाजपा के कई नेताओ को घंटों तक बंधक बना लिया था।
जेएमएम इन आंदोलनकारी को कोल् ब्लॉक के विरोध में अपना समर्थन भी दिया है। 
दुमका,जरमुंडी,शिकारीपाड़ा,जामताड़ा,जरमुंडी ,नाला, बोरियों में भाजपा कार्यकर्ता बगावत पर उतर गये है।पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विधायक ताला मरांडी को टिकट नही मिलने से भाजपा  कार्यकर्ता  जेएमएम मे शामिल हो गए है।शिकारीपाड़ा से बीस सूत्री प्रखंड अध्यक्ष  श्याम मरांडी  ,जरमुंडी में सीताराम पाठक ,जामताड़ा में पूर्व विधायक विष्णु भैया और तरुण गुप्ता ने पार्टी छोड़ दिया वही नाला से माधव चंद्र महतो ने आजसू का दामन थाम चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर दिया है।
जेएमएम सीएनटी एक्ट को लेकर रघुवर सरकार के विरुद्ध पूर्व से मुखर रही है। संथाल जेएमएम का गढ़ माना जाता है ।यहाँ की 18 सीटे झारखंड मे सरकार बनाने की दिशा दशा तय करती है।ऐसे मे सभी दलो की नजर इन 18 सीटो पर है।भाजपा छोड़ने वाले सभी नेता आजसू और जेवी एम का दामन थाम रहे है। लोजपा ने चुनाव घोषणा से पूर्व जरमुंडी से अपना प्रत्याशी उतारने की घोषणा भी कर चुकी थी लेकिन भाजपा ने यहाँ से भी देवेन्द्र कुँवर को अपना प्रत्याशी बनाया है।बहरहाल संथाल मे भाजपा को अपनो से ही कड़ी टक्कर मिलती दिख रही है ऐसे मे उसका 65 पार का सपना संथाल मे टूट सकता है । पार्टी के इस अंदरुनी संकट से भाजपा  शायद ही उबर सके और इसका सीधा फायदा विपक्ष को मिलता दिख रहा है।

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