विश्व हिंदू परिषद (विहिप) नेता चंपत राय ने रविवार को एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि इस्लाम धर्म में यह बात स्पष्ट रूप से कही गई है कि किसी दूसरे धर्म के स्थल को तोड़कर बनाई गई मस्जिद में नमाज करने से वह इबादत खुदा स्वीकार नहीं करता।
इतना ही नहीं, इस्लाम धर्म में यह बात भी कही गई है कि किसी को तकलीफ देकर बनाई गई इमारत खुदा के सजदे के लिए उपयुक्त नहीं होती। ऐसे में जो लोग खुद को सच्चे मुसलमान होने का दावा करते हैं उन्हें सामने आना चाहिए और इस विवाद को खत्म करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा करके वे इस्लाम की इज्जत बढाएंगे।
उन्होंने कहा कि यह मुकदमा केवल 25 साल का नहीं है, बल्कि पांच सौ साल पुराना है फिर भी हिन्दू समाज ने हिम्मत नहीं हारी है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम की जन्मभूमि का न बंटवारा हो सकता है, और न ही अदला-बदली की जा सकती है।
नौ दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली धर्मसभा को सफल बनाने के लिए विहिप लगातार प्रयास कर रहा है। इसी प्रयास के तहत वह दिल्ली के अनेक विभागों में रैलियों का आयोजन कर रहा है। रविवार को भी लाडोसराय की एक ऐसी ही रैली में चंपत राय ने यह बात कही। अब तक विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के बैनर तले दिल्ली में 148 अलग-अलग स्थानों पर बाइक रैली निकाली गई
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