धनबाद। जिले में पुलिस की तरफ से लापरवाही बरतने का एक मामला सामने आया है. सड़क हादसे में जख्मी एक युवक को 12 घंटे बाद पीएमसीएच अस्पताल ले जाया गया. जहां से डॉक्टरों ने उसे रिम्स रेफर कर दिया, रिम्स ले जाने के दौरान उसने रास्ते में दम तोड़ दिया. युवक की मौत के लिए परिजनों ने पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है. परिजनों का कहना है कि पुलिस यदि पहले अस्पताल में भर्ती कराती तो शायद उसकी जान बच सकती थी. जबकि एक ही हादसे में दो अन्य घायलों को पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया.देखें पूरी खबरसड़क दुर्घटना में हुए थे घायल
हरिहरपुर थाना क्षेत्र के गुमगसा के रहनेवाले 20 वर्षीय उज्वल मंडल गुरुवार को अपनी बाइक से किसी काम से तोपचांची गए थे. रात करीब 9 बजे वापस लौटने के दौरान तोपचांची थाना क्षेत्र के भुइयों चितरो में राह चल रहे 21 वर्षीय संजय महतो और एक अन्य युवक से बाइक की टक्कर हो गई. सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने राह चल रहे संजय महतो और अन्य युवक जो इस दुर्घटना में घायल हो गए थे. उन्हें मौके से उठाकर साहूबहियार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए. यहां डॉक्टरों ने संजय कुमार महतो को मृत घोषित कर दिया. जबकि एक अन्य युवक को हल्की चोट पुलिस ने बताया अपना पक्ष
इधर शुक्रवार को सुबह होने के बाद जिस स्थान पर हादसा हुआ था. उसके आसपास की झाड़ियों में उज्वल कुमार मंडल गंभीर अवस्था में जख्मी पड़ा मिला. स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना देते हुए108 नंबर की एंबुलेंस को फोन कर जख्मी उज्वल को पीएमसीएच भेजवाया. पुलिस ने उज्वल के घायल होने की सूचना परिजनों को दी गई. परिजन सीधे अस्पताल पहुंचे. यहां डॉक्टरों ने उज्वल की हालत नाजुक देखते हुए रिम्स रेफर कर दिया. रिम्स ले जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. मृतक के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. परिजनों का कहना है कि पुलिस यदि समय से उज्वल को अस्पताल लाती तो शायद उसकी जान बच सकती थी. उसकी मौत के लिए परिजनों ने पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है. वहीं तोपचांची थाना की पुलिस ने फोन पर हुई बातचीत में कहा कि रात होने के कारण उज्वल आसपास कहीं नजर नहीं आया था. दूसरे दिन स्थानीय लोगों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया था और मामले की सूचना पुलिस को दी थी.

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