शशिकांत झा। #किशनगंज (बिहार ) जिले से सटे भारत नेपाल सीमा के कई प्रखंडों में दिखा मानव श्रृंंखला का अदभुत और अनुपम दृश्य ,जहाँ स्कूली छात्र छात्राओं सहित बड़ी संख्याओं में लोग इस कार्यक्रम में भाग लिये ।जिसे कवर करने गई "तहलका लाईव" टीम ने बहादुरगंंज और दिघलबैंक प्रखंडों का दौरा किया । जहाँ सुरक्षा सेवा और वंधुत्व को कायम रखते हुऐ ,बाल विवाह ,दहेज उन्मूलन तथा शराबवंदी के खिलाफ जागरूकता पैदा करने के लिए कटिबद्ध दिखे ।दिघलबैंक से 15 किलोमीटर की दूरी पर बहादुरगंंज प्रखंड की चमक कुछ और हीं वयां करती देखी गई ।दिघलबैंक से बहादुरगंंज जीरो मील तक पूरी सड़कों के दोनों किनारे लम्बी लम्बी लोगों की लाईनों से पटी हुई थी ।जहाँ के बी डी ओ जुल्फिकार आदिल ,सी ओ कौशर ईमाम और थानाध्यक्ष सुमन कुमार सिंह ने यहां की कमान सम्हाल रखी थी ।पर कुछ हीं दूरी पर जीरोमाइल एल आर पी पर एन आर सी ,सी ए ए और एन पी आर के विरोध में नौजवानों की टोली हाथों में तख्तियों लेकर खड़े थे ।जहाँ शाहिनबाग दिल्ली की तर्ज पर यहाँ अनिश्चितकालीन धरना को आयोजित करने बाले डा.सादाव अंजूम ,जिप प्रतिनिधि इमरान आलम ,वार्ड पार्षद प्रिंस आजम ,शाहंशाह अकबर ,मो.आमीर ,अब्दुल हमीद एवं निसार के साथ अनेक युवक खड़े थे ।जब इनसे जल जीवन हरियाली कार्यक्रम में सी ए ए एवं अन्य कानूनों का विरोध यहाँ क्यों ? तो इमरान आलम और डा.सादाब ने संयुक्तरुप से कहा कि -हम सरकार की नीतियों और ऐसे जनोपयोगी कार्यक्रमों के साथ हैं ।पर बिहार की सरकार केंद्र के काले कानून को वापस लेने में हमारा समर्थन करे ।हलाकि डा.सादाव और इनके साथियों की अनिश्चित धरना कार्यक्रम का आज यहाँ सातवां दिन है ।जहाँ लोग दिन रात धरने पर बैठे रहते हैं ।बहादुरगंंज अलीहसन चौक पर चल रहे धरनास्थल पर नेताओं के समर्थन में आने का सिलसिला जारी है ।पर समाजिक संगठन द्वारा आयोजित इस धरना कार्यक्रम का शांतिपूर्वक चलने की बातें लोगों की जुवानी बताई गई है ।


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