Friday, January 3, 2020
किशनगंज: बहादुरगंज थानाध्यक्ष ने नये बर्ष के पहले दिन दबे कुचले महादलितों को मिठाईयां खिलाकर उनके बीच परिवार के साथ कंबल बांटे
शशि कान्त झा। किशनगंज (बिहार) । जिले के बहादुरगंज थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने नये बर्ष के पहले दिन दबे कुचले महादलितों को मिठाईयां खिलाकर उनके बीच परिवार के साथ कंबल बांटे ।जो बहादुरगंंज के तबारिख की नई इबारत बनकर लोगों को गले लगाने का पैगाम दे गयी । मौका था नये साल की आगाज का ,जहां खा़की के दबदबे में छुपी ईंसानियत खुलकर समाज के सामने आ गयी ।यूं तो सुमन कुमार सिंह ने मधेपूरा जिले से बदलकर किशनगंज जिला में आने के बाद अपनी काबिलियत के कई रंग बिखेरे ।जहाँ साईबर सेल के इंचार्ज रहकर ,जिले के एस पी कुमार आशिष के आदेश पर तत्कालीन थानाध्यक्ष (सदर किशनगंज)आफताब अहमद के नेतृत्व में गंगा पार साहबगंज से एक डकैती कांड के कुख्यात को धर दबोचा ।वहीं एस पी किशनगंज के नेतृत्व में नकली शराब बनाने बाली फेक्ट्री को समूल नष्ट करने में किशनगंज पुलिस के साथ बड़ी भूमिका भी निभाई ।जिसकी वजह रही कि एस पी कुमार आशिष ने इनके हौसले और बहादुरी को काफी करीब से परख कर 04 दिसंबर 2019 को बहादुरगंज थाने की कमान सौंपी ।जहाँ उनके आदेश पर सुमन जी ने 05दिसंबर 2019 को बहादुरगंज जैसे बड़े थाने में अपनी हाजरी दर्ज कराई ।2009 बैच के एस आई को 18 सर्किल के बड़े थाने की कमान मिलने पर जिले में एक भूचाल सा आ गया ।पर एस पी कुमार आशिष की दूर दृष्टि और पक्का इरादे की कसौटी पर सुमन जी ने खरे उतरने का भरसक प्रयास किया ।जहाँ इन्होने थाना और थानेदार की की परिभाषा हीं बदलकर रख दी ।थाना के नाम पर डरने बालों को ये करीब लाकर बैठाने लगे , जहाँ कथित तौर पर पहले से दलाली पेशे से जुड़े तथाकथितों की लगभग छुट्टी हीं हो गई ।थाना प्रशासन और विधि व्यवस्था को दुरुस्त करने ,अपराध एवं अपराधियों पर कठोर नियंत्रण के लिए इन्होने थाना को 15 सेक्टरों में बांटकर वहां की जिम्मेदारी प्रभारी पुलिस पदाधिकारियों को सौंप दी ।जिससे किसी भी आपात और आपदा की स्थिति में पुलिस की मौजूदगी आज मिशाल बनी हुई है ।
ऐसे में नये साल के पहले दिन अपने परिजनों के साथ मिलकर समाज के दबे कुचलों को मिठाईयां खिलाकर कंबल ओढ़ाना ,एक नई मिशाल बन कर लोगों के बीच चर्चा का बिषय बन चुका है ।ऐसा कहा जाता है कि अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण के साथ सुमन जी ने लोगों के दिलों को भी नियंत्रित कर लिया है ।जहाँ अब अपराध और अपराधियों पर नकेल डालने के लिए इन्हें भारी जनसहयोग मिल रहा है ।जन प्रतिनिधियों की सकारात्मक भूमिका आज पुलिस पब्लिक सहयोग का उदाहरण बनकर सामने आगया है ।वीरानगी के चादर ओढ़े थाना का रंग रुप बदलकर एक सजे पार्क का रुप ले लिया है ।जहाँ के झूलते रंगीन पर्दे ,लोगों को बैठने के लिए सोफे और सुनने के लिए चौबीस घंटे पुलिस पदाधिकारी की मौजूदगी सही मायनों में थाना को एक अलग पहचान दे रही है ।
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