श्री प्रसाद सोनी। गिरिडीह।
इन दिनों मजदूरों का विदेश में फंसने का सिलसिला जारी है।अब ओमान की राजधानी मसकट में विष्णुगढ़, बगोदर समेत बोकारो तथा कोडरमा जिले के कई मजदूरों के फंसे होने की बात कही जा रही है।इन मजदूरों को 2017 को टावर लाइन में काम कराने को लेकर ओमान ले जाया गया था। मजदूरों को एक नामी कंपनी में काम दिलाने की बात कह ओमान भेजा गया था।जहां मजदूरों को पिछले सात महीने से भुगतान नहीं किया जा रहा है।मजदूरों के परिजनों को मिली सूचना के मुताबिक सभी मजदूरों को एक कमरे में बंद करके रखा गया हैं। उन्हें मात्र एक समय का खाना दिया जा रहा है।वे वतन वापस आना चाह रहे हैं, लेकिन वीजा की मियाद खत्म होने के अलावा पास में पैसे नहीं होने के कारण वे वहां फंस गए हैं।ओमान में फंसे मजदूरों ने प्रवासी ग्रुप के माध्यम से सरकार से वतन वापसी की गुहार लगाई है।साथ ही मजदूरों ने विदेश मंत्री भारत सरकार के नाम संदेश भेजा है।जिसमें कहा है कि वे लोग जिस कंपनी में काम कर रहे हैं, उस कंपनी ने महीनों से वेतन बंद कर दिया है।मांगने पर कई तरह की धमकियां दी जाती है।उन्होंने शोसल मीडिया के जरिये मैसेज भेज कर अपनी हालत बयां करते हुए घर वापसी की गुहार लगाई है।विदेश में मजदूरों के फंसे होने की जानकारी मिलने पर प्रवासी ग्रुप के सिकंदर अली ने उन्हें वतन वापसी के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिया है।सिकंदर ने कहा है कि प्रवासी ग्रुप के सदस्यों की मदद से विदेश मंत्री से विष्णुगढ़ तथा बगोदर समेत दूसरे प्रखंडों के सभी मजदूरों की सऊदी अरब से घर वापसी की मांग करूंगा।

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