#कोडरमा । कोडरमा जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ विश्वनाथ शुक्ला की अदालत ने बुधवार को दो लोगों को दोषी पाकर फांसी की सजा सुनाई है साथ ही उपरोक्त दोनों पर पचास पचास हजार का आर्थिक जुर्माना लगाया गया है। चर्चित मामले की घटना सतगावा थाना अंतर्गत गाँव में घटी थी जिसमें चार लोगों की गर्दन काट कर जघन्य हत्या कर दी गई थी जिसको लेकर सुरेश कुमार पिता कपिलदेव प्रसाद यादव ग्राम डुमरी थाना सतगावा निवासी ने सतगावा थाना में दर्ज प्राथमिकी में कहा था कि 25.09.2014 की रात्रि 7:30 बजे जब वे अपने घर में थे तो 20 से 25 की संख्या में घातक हथियारों से लैस उनके घर में घुस गए। सूचक सुरेश कुमार छत पर से दूर गया और दीवाल के किनारे छिप गया। घटनास्थल पर मौजूद कपिल देव यादव को दरोगी यादव ने फरसा से रंजीत यादव ने गड़ासा से और विपिन यादव ने उसे घर से बाहर ले गए और मलवा पहाड़ी के निकट में जाकर कपिल देव यादव की हत्या गर्दन काटकर कर दी गई। वही नीरज यादव को राजेंद्र यादव और सुनील यादव ने गर्दन काट दिया । अनुज कुमार को अपराधियों ने गड़ासा से उसका पेट फाड़ दिया एवं अनिल यादव ने उसकी गर्दन काट दी और एमसीसी जिंदाबाद का नारा लगाते हुए घर से बाहर भाग गए। सुरेश कुमार के लिखित बयान के आधार पर सतगावा थाना कांड संख्या 34/04 विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया बाद में उपरोक्त मामला विचरण हेतु जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में आया जिसका सत्र वाद संख्या 75/16 है । इस चर्चित जघन्य हत्याकांड मामले में पहले भी 4 लोगों को आजीवन कारावास की सजा हुई है। 19 फरवरी को अदालत ने दोषी पाकर संजय यादव पिता बालकृष्ण महतो ग्राम खाब थाना सतगावा कोडरमा निवासी एवं रामवृक्ष यादव पिता स्वर्गीय वजीर रावत ग्राम डुमरी थाना सतगावा कोडरमा निवासी को फांसी की सजा सुनाई है। अभियोजन की ओर से 11 गवाहों का परीक्षण एवं बचाव पक्ष से 4 गवाहों का परीक्षण कराया गया। कोडरमा के अपर लोक अभीयोजन विनोद प्रसाद और बचाव पक्ष से वासिफ बख्तावर खान और अनवर हुसैन ने न्यायालय में दलील रखा। इस मामले में 13.12.2016 को उपरोक्त लोगों के विरुद्ध आरोप गठन हुआ था जिसमें दोनों आरोपियों को भादवि की धारा 302 और 149 के तहत दोनों अभियुक्तों संजय यादव पिता बालकृष्ण महतो ग्राम खाब थाना सतगावा एवं रामवृक्ष यादव पिता स्वर्गीय वजीर रावत ग्राम डुमरी सतगावा को फांसी की सजा एवं पचास पचास हजार का आर्थिक जुर्माना लगाया गया है जुर्माना नहीं देने की परिस्थिति में 2 वर्ष की अतिरिक्त सजा एवं भादवी 139 के अंतर्गत 2 वर्ष की सजा दी गई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी।
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